नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस)

एनपीएस व्यक्तियों को व्यवस्थित योगदान, लचीले निवेश विकल्पों और विनियमित खाता प्रबंधन के माध्यम से एक अनुशासित सेवानिवृत्ति कोष बनाने में मदद करता है।

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सरकार द्वारा विनियमित स्वैच्छिक पेंशन योजना

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टियर I और टियर II खाता विकल्प

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लचीली अंशदान संरचना

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दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति योजना के लिए उपयुक्त

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ओवरव्यू

नेशनल पेंशन सिस्टम, भारत सरकार द्वारा स्थापित एक स्वैच्छिक, दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति बचत योजना है। यह व्यक्तियों को पारदर्शी और विनियमित ढांचे के तहत नियमित रूप से अंशदान करके सेवानिवृत्ति के लिए धन बनाने की सुविधा देता है।
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उत्पाद हाइलाइट्स

एनपीएस में दो प्रकार के खाते होते हैं—टियर I और टियर II—जो ग्राहकों को अपनी वित्तीय जरूरतों के अनुसार सेवानिवृत्ति बचत को प्रबंधित करने की सुविधा देते हैं। ग्राहक वर्ष के दौरान किसी भी समय अंशदान कर सकते हैं और इसमें अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है, जिससे यह नौकरीपेशा और स्व-रोज़गार दोनों के लिए उपयुक्त है।

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विशेषताएं और लाभ

एनपीएस नियमित या स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने का व्यवस्थित तरीका देता है। ग्राहक योजना के नियमों के अनुसार विभिन्न पेंशन फंड मैनेजर और परिसंपत्ति श्रेणी चुन सकते हैं। निर्धारित आयु पूरी होने पर जमा राशि का एक हिस्सा चरणबद्ध तरीके से निकाला जा सकता है।

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पात्रता

एनपीएस, 18 से 70 वर्ष की आयु के उन भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है, जो केवाईसी ज़रूरतों को पूरा करते हैं। व्यक्ति, तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक के माध्यम से नामांकन प्रक्रिया पूरी करके और अपनी पसंद का खाता प्रकार चुनकर इस योजना में शामिल हो सकता है।

उद्देश्य

भारत के सभी नागरिकों के लिए सुलभ पेंशन सुविधाओं और लंबी अवधि की बचत के ज़रिए सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देना।

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हमारे बिना-पेंशन वाले समाज को पेंशन-युक्त समाज में बदलना।

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उनके लंबे समय के अंशदान पर उचित रिटर्न देना।

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पेंशन के माध्यम से सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करना।

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भारत के सभी नागरिकों तक वृद्धावस्था की सुरक्षा का दायरा बढ़ाना।

एनपीएस कैसे काम करता है?

कोई भी व्यक्ति अधिकृत 'पॉइंट ऑफ़ प्रेजेंस' (बैंक) के माध्यम से एनपीएस खाता खोलकर नियमित रूप से अंशदान जमा कर सकता है।

जमा की गई अंशदान राशि को एक पेंशन निधि में संचित किया जाता है।

इन निधियों को पीएफआरडीए द्वारा विनियमित प्रोफेशनल फंड मैनेजर, अनुमोदित निवेश नियमों के अनुसार अलग-अलग तरह के पोर्टफोलियो में निवेश करते हैं जिनमें इक्विटी (शेयर), सरकारी बॉन्ड, बिल, कॉरपोरेट डिबेंचर आदि शामिल हैं।

ये अंशदान समय के साथ बढ़ते और जमा होते रहते हैं, और किए गए निवेश के आधार पर रिटर्न मिलता है।

एनपीएस से सामान्य रूप से बाहर निकलने (एक्ज़िट) के समय, सब्सक्राइबर जमा हुई पेंशन राशि का इस्तेमाल या तो पीएफआरडीए द्वारा सूचीबद्ध किसी जीवन बीमा कंपनी से लाइफ एन्युइटी (यानी जीवन भर पेंशन देने वाली स्कीम खरीदने के लिए कर सकते हैं, या फिर अगर वे चाहें तो जमा पेंशन राशि का कुछ हिस्सा एकमुश्त निकाल सकते हैं।

तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक लिमिटेड को पीएफआरडीए द्वारा एनपीएस के लिए पॉइंट ऑफ़ प्रेज़ेंस (पीओपी) के रूप में काम करने हेतु नियुक्त किया गया है। वर्तमान में, हमारी सभी शाखाओं को पॉइंट ऑफ़ प्रेज़ेंस-सर्विस प्रोवाइडर (पीओपी-एसपी) के रूप में एनपीएस से जुड़े कार्य करने के लिए निर्दिष्ट किया गया है।

एनपीएस के टैक्स-लाभ

वित्त वर्ष 2015-16 के लिए केंद्रीय बजट 2015 में टैक्स संबंधी प्रावधानों में किए गए संशोधन के अनुसार, यदि कोई ग्राहक एनपीएस योजना के टियर-I में अपनी मर्जी से अंशदान करता है, तो उसे आयकर अधिनियम की धारा 80सीसीडी (1बी) के अंतर्गत ₹50,000 का अतिरिक्त टैक्स-लाभ प्राप्त होगा, जो धारा 80सीसीई के अंतर्गत निर्धारित ₹1,50,000 की अधिकतम सीमा के अलावा होगा।

जो सब्सक्राइबर ₹2,00,000 तक के टैक्स-लाभ के लिए पात्र है और सिर्फ एनपीएस में ही निवेश करना चाहता/चाहती है, वह भी अपनी पात्रता की पूर्ण सीमा तक टैक्स-लाभ प्राप्त कर सकता/सकती है, यानी धारा 80सीसीडी (1बी) के अंतर्गत ₹50,000 और धारा 80सीसीई के अंतर्गत ₹1,50,000 का लाभ।

लचीलापन

एनपीएस आपके निवेश को सही तरीके से बढ़ाने की योजना बनाने के लिए कई तरह के निवेश विकल्प और पेंशन फंड मैनेजर (पीएफएम) चुनने की सुविधा देता है। नियामकीय प्रावधानों के अधीन कोई भी व्यक्ति एक निवेश विकल्प से दूसरे निवेश विकल्प में या एक फंड मैनेजर से दूसरे फंड मैनेजर के पास जा सकता है। रिटर्न पूरी तरह से बाज़ार पर आधारित होते हैं, और सब्सक्राइबर के पास नीचे दिए गए फंड मैनेजरों में से किसी को भी चुनने की सुविधा होती है:

  • एलआईसी पेंशन फंड लिमिटेड।
  • एसबीआई पेंशन फंड्स प्राइवेट लिमिटेड।
  • यूटीआई रिटायरमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड।
  • आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल पेंशन फंड्स मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड।
  • कोटक महिंद्रा पेंशन फंड लिमिटेड।
  • एचडीएफसी पेंशन मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड।
  • आदित्य बिड़ला सन लाइफ पेंशन मैनेजमेंट लिमिटेड।
  • टाटा पेंशन मैनेजमेंट लिमिटेड।
  • एक्सिस पेंशन फंड मैनेजमेंट लिमिटेड।
  • डीएसपी पेंशन फंड मैनेजर प्राइवेट लिमिटेड।

निवेश के विकल्प

एनपीएस में सब्सक्राइबर के निवेश के लिए निम्नलिखित दो विकल्प उपलब्ध हैं। सब्सक्राइबर को अपने अंशदान के बंटवारे के लिए इनमें से कोई एक विकल्प चुनना होगा।

1. सक्रिय विकल्प (एक्टिव चॉइस):

सब्सक्राइबर इस विकल्प के अंतर्गत यह निर्धारित कर सकता है कि उसके अंशदान का निवेश किस प्रकार किया जाए। यदि सक्रिय विकल्प चुना जाता है, तो सब्सक्राइबर को कॉरपोरेट, सरकारी और इक्विटी के बीच निवेश का प्रतिशत बताना होगा। इक्विटी में निवेश की अधिकतम सीमा टियर-I में 75% और टियर-II में 100% है, जिसमें 51 वर्ष की उम्र से निवेश में क्रमिक कमी (टेपरिंग) की कोई शर्त लागू नहीं है।

2. स्वतः विकल्प (ऑटो चॉइस):

यदि सब्सक्राइबर को वित्तीय जानकारी नहीं है या वह निवेश का कोई विकल्प चुनने में असमर्थ या अनिच्छुक है, तो उसका अंशदान पूर्व-निर्धारित पोर्टफोलियो के अनुसार किया जाएगा।

एनपीएस खातों के प्रकार

इस योजना को दो टियर में बांटा गया है:

टियर-I खाता:

यह एक ऐसा स्थायी सेवानिवृत्ति खाता है जिसमें जमा राशि का निवेश सब्सक्राइबर द्वारा चुने गए निवेश विकल्प के अनुसार किया जाता है और इसमें से पैसे निकाले नहीं जा सकते।

टियर-II खाता:

  • स्वैच्छिक बचत की सुविधा।
  • टियर-II खाता तभी खोला जा सकता है जब टियर-I खाते के लिए पीआरएएन (PRAN) आवंटित हो जाए।
  • सब्सक्राइबर को टियर-II खाते में अपनी बचत राशि जमा करने और निकालने की पूर्ण स्वतंत्रता होगी।

एनपीएस खोलने के लिए आवश्यक केवाईसी दस्तावेज़

  • स्थायी पते का प्रमाण (पंजीकरण प्रपत्र में बताए गए दस्तावेजों में से कोई भी एक)
  • पत्राचार के पते का प्रमाण (पंजीकरण प्रपत्र में बताए गए दस्तावेजों में से कोई भी एक)
  • कैंसल किया हुआ चेक / शाखा द्वारा जारी बैंक प्रमाणपत्र।
  • पैन कार्ड की कॉपी।

न्यूनतम अंशदान एवं प्रभार का विवरण - -

अंशदान एवं प्रभार

प्रकार arrow_downwardप्रभार arrow_downward
विवरणएनपीएस की सामान्य योजनाओं (सभी नागरिक एवं कॉरपोरेट मॉडल) और एनपीएस वात्सल्य के लिए प्रभार
सब्सक्राइबर को जोड़ने का पहला वर्षएयूएम का 0.2% प्रति वर्ष (न्यूनतम ₹30/-), तिमाही आधार पर आनुपातिक रूप से।
दूसरे वर्ष से आगे (बाद का अंशदान)एयूएम का 0.2% प्रति वर्ष (न्यूनतम ₹30/-), तिमाही आधार पर आनुपातिक रूप से।

नोट:

  • 1. एयूएम (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) का अर्थ एनपीएस के अंतर्गत प्रबंधित फंड के कुल मूल्य से है, जिसमें सब्सक्राइबर के अंशदान और उससे जुड़ी बढ़ोतरी शामिल हैं, जिसकी गणना निर्दिष्ट तिथि पर लागू शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) के आधार पर की जाती है।
  • 2. कटौती की विधि सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों द्वारा यूनिट्स को कैंसिल करके होगी।
  • 3. लागू होने वाले जीएसटी या अन्य टैक्स अतिरिक्त रूप से लगेंगे।
  • 4. इस परिपत्र के प्रयोजन एवं व्याख्या के लिए “प्र.व.” (प्रति वर्ष) का अर्थ लगातार चार (04) तिमाहियों की अवधि होगा, और इसे वित्त वर्ष या कैलेंडर वर्ष के अनुरूप या उसके समान नहीं माना जाएगा।
  • 5. तदनुसार, तिमाही के अंतिम दिन एयूएम के 0.05% की दर से प्रभार लगेगा।
  • 6. निष्क्रिय (डॉरमेंट) खाते पर कोई प्रभार नहीं लगेगा। निष्क्रिय खाते से आशय ऐसे खाते से है जिसमें किसी तिमाही में अंशदान के बाद लगातार चार तिमाहियों तक कोई अंशदान प्राप्त नहीं होता, जिसकी पहचान हर तिमाही के अंत में की जाती है।

अंशदान एवं प्रभार

प्रकार arrow_downwardटियर-I arrow_downwardटियर-2 arrow_downward
खाता खोलने हेतु न्यूनतम अंशदानशून्य₹1,000/-
वित्तीय वर्ष में न्यूनतम अंशदान₹1,000/-लागू नहीं
प्रति अंशदान न्यूनतम राशि₹500/-₹250/-
प्रोटियन वार्षिक अनुरक्षण प्रभार (प्र.व.)₹69/-Nil
फंड प्रबंधन शुल्क (प्र.व.)एयूएम का 0.09%एयूएम का 0.09%

अंशदान का विवरण

  • सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी (सीआरए) द्वारा आवेदन प्रोसेस किए जाने के बाद सब्सक्राइबर को स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN) आवंटित की जाएगी। PRAN आवंटित होने के बाद सब्सक्राइबर (https://cra-nsdl.com/CRA/ पर लॉग इन करके) ऑनलाइन या शाखा के माध्यम से भी अंशदान कर सकता है।

टियर-2 एक्टिवेशन का विवरण:

  • यदि किसी सब्सक्राइबर के पास टियर-1 खाता है और वह टियर-2 खाते को सक्रिय करना चाहता है, तो वह (https://cra-nsdl.com/CRA/ पर लॉग इन करके) ऑनलाइन या शाखा के माध्यम से इसे सक्रिय कर सकता है।

एनपीएस के विवरण में परिवर्तन:

  • यदि सब्सक्राइबर अपना नाम, पिता का नाम, नॉमिनेशन, पेंशन फंड मैनेजर (पीएफएम) आदि जैसे किसी विवरण में परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे अपनी शाखा से संपर्क कर ऐसे परिवर्तन के लिए आवेदन प्रस्तुत करना चाहिए।
  • यदि ग्राहक अपना मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, PRAN री-इश्यू, आई-पिन/टी-पिन अनुरोध आदि विवरणों में परिवर्तन करना चाहता है, तो वह (https://cra-nsdl.com/CRA/ पर लॉग इन करके) ऑनलाइन या शाखा में परिवर्तन के लिए आवेदन प्रस्तुत करके ऐसा कर सकता है।

एनपीएस में निकासी के प्रकार

क. सामान्य निकासी (सेवानिवृत्ति पर निकासी)

  • सब्सक्राइबर की उम्र 60 वर्ष होनी चाहिए।
  • एकमुश्त भुगतान ₹5.00 लाख।
  • यदि जमा राशि ₹5.00 लाख से अधिक है, तो सब्सक्राइबर की जमा पेंशन राशि के कम-से-कम 40% भाग का इस्तेमाल एन्युइटी खरीदने के लिए किया जाना चाहिए और बाकी 60% राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा।

ख. समय से पहले निकासी

  • 5 वर्ष तक सब्सक्राइबर रहना ज़रूरी है।
  • यदि निकासी के समय जमा राशि ₹2.50 लाख या उससे कम है, तो संपूर्ण राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाएगा।
  • यदि जमा राशि ₹2.50 लाख से अधिक है, तो सब्सक्राइबर की जमा पेंशन राशि के कम-से-कम 80% भाग का इस्तेमाल एन्युइटी खरीदने के लिए किया जाना चाहिए और बाकी 20% राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाएगा।

ग. मृत्यु होने पर निकासी:

  • सब्सक्राइबर की मृत्यु होने पर उसकी जमा हुई पूरी पेंशन राशि नॉमिनी या कानूनी वारिसों को दे दी जाएगी। यदि नॉमिनी/कानूनी वारिस एन्युइटी (पेंशन) का विकल्प चुनना चाहता/चाहती है, तो उसे मृत्यु निकासी प्रपत्र में एन्युइटी सर्विस प्रोवाइडर (एएसपी) और एन्युइटी योजना चुननी होगी (यह समय-समय पर पीएफआरडीए द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अधीन होगा)।

घ. सशर्त निकासी:

  • सब्सक्राइबर को सब्सक्रिप्शन की पूरी अवधि के दौरान अधिकतम तीन बार अपने अंशदान की 25% राशि तक निकालने की अनुमति होगी।
  • पहली सशर्त निकासी एनपीएस में 3 वर्ष पूरे होने के बाद की जा सकेगी और अगली निकासी पिछली निकासी के 5 वर्ष पूरे होने के बाद की जा सकेगी।

60 वर्ष की उम्र के बाद एनपीएस से जुड़ने वाले ग्राहकों (सब्सक्राइबर्स) के लिए शर्तें / 60 वर्ष से अधिक उम्र के ग्राहकों के लिए शर्तें

  • वे 75 वर्ष की उम्र तक अपने एनपीएस खाते को जारी रख सकते हैं या उसे टाल सकते हैं।
  • जिन सब्सक्राइबर्स ने पहले अपना एनपीएस खाता बंद कर दिया था, उन्हें भी उम्र की बढ़ी हुई पात्रता मानदंडों के अनुसार नया एनपीएस खाता खोलने की अनुमति है।
  • 3 वर्ष पूरे होने के बाद किए गए निकास (एग्जिट) को सामान्य निकास माना जाएगा (बिंदु–क में उल्लिखित मानदंडों के अनुसार)।
  • 3 वर्ष पूरे होने से पहले किए गए निकास (एग्जिट)को समय से पहले निकास माना जाएगा (बिंदु–ख में उल्लिखित मानदंडों के अनुसार)।
  • सब्सक्राइबर की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में, पूरी जमा राशि सब्सक्राइबर के नॉमिनी को एकमुश्त भुगतान की जाएगी। यदि नॉमिनी/कानूनी वारिस एन्युइटी (पेंशन) का विकल्प चुनना चाहते हैं, तो उन्हें मृत्यु निकासी प्रपत्र में एन्युइटी सर्विस प्रोवाइडर (एएसपी) और एन्युइटी योजना चुननी होगी (यह समय-समय पर पीएफआरडीए द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अधीन होगा)।

दस्तावेज़ और डाउनलोड

सभी श्रेणियों के आवश्यक प्रपत्र एक ही जगह पर पाएँ और डाउनलोड करें

APY फ़ॉर्म

क्रम संख्याफ़ाइल का नामफ़ाइल का प्रकारकार्रवाई
1निजी क्षेत्र के सभी नागरिकों/कॉर्पोरेट के लिए खाता खोलने का प्रपत्र।

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2नाबालिग के लिए खाता खोलने का प्रपत्र

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3एनआरआई/ओसीआई के लिए खाता खोलने का प्रपत्र

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4नाबालिग एनआरआई/ओसीआई के लिए खाता खोलने का प्रपत्र

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5अंतर-क्षेत्र स्थानांतरण प्रपत्र (आईएसएस – संस्करण 1.7)।

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6योजना पसंद बदलने का प्रपत्र (अनुलग्नक एस-3, संस्करण 1.6)।

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7टियर-II एक्टिवेशन प्रपत्र (अनुलग्नक एस-10, संस्करण 1.6)।

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8एनआरआई के लिए अतिरिक्त नॉमिनेशन प्रपत्र (एनएसआरएफ – संस्करण 1.8)-अनुलग्नक_II

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9सामान्य निकासी / निकास (एग्ज़िट) प्रपत्र 301

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10मृत्यु दावा निकासी प्रपत्र 303

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11एफएटीसीए स्व-घोषणा प्रपत्र

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12पिन में बदलाव और दोबारा जारी करने का प्रपत्र

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13शाखा बदलने का प्रपत्र

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14बैंक बदलने का प्रपत्र

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15हस्ताक्षर या फोटोग्राफ बदलने का प्रपत्र

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16टियर-II से निकासी का प्रपत्र

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17टियर-II से टियर-I में एकतरफा बदलाव का प्रपत्र यूओएस एस-13

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18कॉर्पोरेट कर्मचारी - पिन में बदलाव और दोबारा जारी करने का प्रपत्र

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

पात्रता, लाभ और सुविधाओं के बारे में सबसे आम सवालों के जवाब पाएं
TMB रॉयल सेविंग्स बैंक अकाउंट की खासियतें

एनपीएस, सरकार द्वारा विनियमितएक पेंशन योजना है, जो व्यक्तियों को सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने की सुविधा देती है।

एनपीएस, सरकार द्वारा विनियमितएक पेंशन योजना है, जो व्यक्तियों को सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने की सुविधा देती है।
नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार पात्र निवासी व्यक्ति एनपीएस से जुड़ सकते हैं।

नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार पात्र निवासी व्यक्ति एनपीएस से जुड़ सकते हैं।
अंशदान राशि का निवेश, सदस्य की पसंद और लागू नियमों के अनुसार अनुमोदित परिसंपत्ति वर्ग में किया जाता है।

अंशदान राशि का निवेश, सदस्य की पसंद और लागू नियमों के अनुसार अनुमोदित परिसंपत्ति वर्ग में किया जाता है।
हाँ, योजना की शर्तों के अनुसार आंशिक निकासी की अनुमति होती है।

हाँ, योजना की शर्तों के अनुसार आंशिक निकासी की अनुमति होती है।
एनपीएस का विनियमन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरणद्वारा किया जाता है।

एनपीएस का विनियमन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरणद्वारा किया जाता है।
एनपीएस, सरकार द्वारा विनियमितएक पेंशन योजना है, जो व्यक्तियों को सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने की सुविधा देती है।

एनपीएस, सरकार द्वारा विनियमितएक पेंशन योजना है, जो व्यक्तियों को सेवानिवृत्ति के लिए बचत करने की सुविधा देती है।
नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार पात्र निवासी व्यक्ति एनपीएस से जुड़ सकते हैं।

नियामक दिशानिर्देशों के अनुसार पात्र निवासी व्यक्ति एनपीएस से जुड़ सकते हैं।
अंशदान राशि का निवेश, सदस्य की पसंद और लागू नियमों के अनुसार अनुमोदित परिसंपत्ति वर्ग में किया जाता है।

अंशदान राशि का निवेश, सदस्य की पसंद और लागू नियमों के अनुसार अनुमोदित परिसंपत्ति वर्ग में किया जाता है।
हाँ, योजना की शर्तों के अनुसार आंशिक निकासी की अनुमति होती है।

हाँ, योजना की शर्तों के अनुसार आंशिक निकासी की अनुमति होती है।
एनपीएस का विनियमन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरणद्वारा किया जाता है।

एनपीएस का विनियमन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरणद्वारा किया जाता है।